इंदौर। विधानसभा एक के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने आज बड़ा गणपति से बिजासन माता मंदिर तक चुनरी यात्रा निकाली। इस यात्रा के होर्डिंग-बैनर से विधानसभा एक के वर्तमान विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के फोटो गायब थे। इसके बावजूद विजयवर्गीय यात्रा में पहुंचे, लेकिन सीएम डॉ.मोहन यादव के आने के पहले ही गायब हो गए। इसके बाद उनके बेटे पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने मोर्चा संभाला।
सीएम और प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में दिखी ताकत
सुदर्शन गुप्ता की इस चुनरी यात्रा में सीएम डॉ.मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और इंदौर के अधिकांश नेताओं की मौजूदगी थी। इस यात्रा ने यह बता दिया कि आज भी सुदर्शन गुप्ता की भाजपा में कितनी ताकत है। विधायक मालिनी गौड़, मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, लोकसभा की पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन, पूर्व महापौर कृष्णमुरारी मोघे सहित अनेक नेता इस यात्रा के साक्षी बने।
विधानसभा का मामला था, इसलिए की मुंह दिखाई
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय वैसे भी आजकल सीएम के कार्यक्रमों से लगातार दूर बना रहे हैं। चूंकि यह यात्रा उनके विधानसभा में निकलने थी इसलिए मजबूरी में अपमान का घूंट पीकर भी विजयवर्गीय मंच पर मुंह दिखाई करने पहुंचे। जब सीएम मोहन यादव के आने का समय हुआ, उससे पहले ही विजयवर्गीय वहां से गायब हो गए।
बेटा ही चला रहा पूरी विधानसभा
विजयवर्गीय ने विधानसभा एक की पूरी कमान अपने बेटे आकाश विजयवर्गीय को सौंप रखी है। इसको लेकर विधानसभा एक के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं मे नाराजगी भी रहती है, क्योंकि वर्तमान में वहां आकाश की पूर्व विधानसभा तीन नंबर और गृह क्षेत्र दो नंबर के कार्यकर्ताओं का कब्जा है। विजयवर्गीय के मंच से गायब होने के बाद आकाश ने कमान संभाली और सीएम के साथ चुनरी को मंच से हाथ लगाकर रवाना किया।
होर्डिंग-बैनर से पूरी तरह गायब रहे मंत्री
चुनरी यात्रा को लेकर क्षेत्र में जो होर्डिंग-बैनर लगाए गए हैं, उनमें सीएम डॉ.मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश महामंत्री गौरव रणदिवे, मध्य प्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर सहित कई नेता नजर आ रहे हैं, लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पूरी तरह गायब रहे।
सोशल मीडिया पोस्ट पर भी नहीं दिखे मंत्री
पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर चुनरी यात्रा की जो प्रचार सामग्री डाली है, उससे भी मंत्री विजयवर्गीय गायब रहे। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर सीएम डॉ.मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नाम थे। इसके अलावा पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री गजेंद्र सिंह पटेल और राष्ट्रीय मंत्री कविता पाटीदार के नाम थे, लेकिन विजयवर्गीय का कहीं नाम नहीं था।
