इंदौर। अयोध्यापुरी कॉलोनी में सिम्पलेक्स की जमीन के मामले में हार के बाद अब सहकारिता विभाग हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहा है। इस मामले में कलेक्टर शिवम वर्मा की सख्ती के बाद सारे विभाग जागृत हो गए हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था।
चार एकड़ जमीन का है मामला
देवी अहिल्या श्रमिक कामगार संस्था के भूतपूर्व पदाधिकारियों द्वारा संस्था के स्वामित्व के ग्राम खजरानी तह. व जिला इन्दौर में विभिन्न सर्वे क्रमांकों की भूमि में से 4 एकड़ भूमि 24 फरवरी 2007 को बिना संपूर्ण प्रतिफल प्राप्त किये सिम्प्लेक्स इन्वेस्टमेन्ट एण्ड मेगा फाइनेंस प्रा. लि. इन्दौर को विक्रय कर दी गई थी। उक्त भूमि के विवाद प्रकरण में माननीय जिला एवं सत्र इन्दौर द्वारा दिनांक 08 अक्टूबर 2026 को उल्लेखित क्रेता कंपनी के पक्ष में निर्णय दिया गया है।
सहकारिता विभाग ने जुटाए सारे दस्तावेज
जिला न्यायालय के निर्णय एवं न्यायालय की संपूर्ण प्रोसेडिंग की सत्यापित छायाप्रतियां संस्था प्रशासक जी.एस. परिहार, सहायक आयुक्त सहकारिता जिला इन्दौर अपने अभिभाषक के माध्यम से जुटा चुके हैं। अब शीघ्र ही उक्त आदेश के विरूद्ध हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में अपील दायर की जा रही है।
रजिस्ट्री निरस्त कराने की भी तैयारी
संस्था के तत्कालीन पदाधिकारियों द्वारा अवैधानिक रूप से विक्रय की गई भूमि की रजिस्ट्री निरस्त कराने हेतु वाद प्रकरण माननीय सिविल न्यायालय इन्दौर में दर्ज कराने की तैयारी कर ली गई है। सक्षम अनुमति पश्चात यथाशीघ्र प्रकरण दर्ज कराया जायेगा। प्रकरण दर्ज कराने के पूर्व सी.पी.सी. की धारा 80 के अंतर्गत भूमि विक्रेता, केता एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया जा रहा है।
कलेक्टर ने अधिकारियों से मांगा था स्पष्टीकरण
उल्लेखनीय है कि ग्राम खजरानी स्थित अयोध्यापुरी भूमि से जुड़े वाद (सिम्पलेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस प्रा.लि. विरुद्ध अनुविभागीय अधिकारी व अन्य) में न्यायालय ने 8 अक्टूबर 2026 को निर्णय पारित किया है। इस संबंध में प्रकाशित समाचारों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रकरण के समस्त अभिलेखों का परीक्षण कराया था। परीक्षण के बाद शासन की ओर से पैरवी की स्थिति के संबंध में वर्तमान तहसीलदार, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं तथा शासकीय अधिवक्ता को नोटिस जारी कर निर्धारित समय-सीमा में लिखित स्पष्टीकरण मांगा था।
भूमाफियाओं के खिलाफ एक्शन में कलेक्टर
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर शिवम वर्मा भूमाफियाओं को लेकर लगातार सख्त दिखा रहे हैं। पिछे दिनों उनके आदेश पर कई भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। कई अवैध निर्माण भी ध्वस्त किए गए थे। कलेक्टर ने अयोध्यापुरी मामले को भी गंभीरता से लिया है और इस प्रकरण से जुड़े भूमाफिया भी उनके निशाने पर हैं।
दस्तावेज पेश नहीं कर पाए थे अधिकारी
खजराना क्षेत्र की 6.28 हेक्टेयर जमीन को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद में जिला न्यायालय ने अयोध्यापुरी रहवासी कल्याण समिति को बड़ा झटका दिया है। 23वें जिला न्यायाधीश डॉ. (श्रीमती) शुभ्रा सिंह की अदालत ने सिम्पलेक्स इन्वेस्टमेंट एंड मेगा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ समिति की ओर से दायर प्रतिदावे को खारिज कर दिया। अदालत ने पाया कि समिति विवादित जमीन पर अपना स्वामित्व और आधिपत्य प्रमाणित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। 8 अक्टूबर 2026 को घोषित फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल भूखंड आवंटन की सूची के आधार पर जमीन का स्वामित्व साबित नहीं होता। इसके लिए विधिवत विक्रय पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हैं।
