इंदौर में आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कलेक्टर शिवम वर्मा को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने धार्मिक, सांस्कृतिक, संगीत और अन्य सार्वजनिक आयोजनों की अनुमति देने में आने वाली बाधाओं को दूर करने हेतु ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम’ लागू करने का प्रस्ताव रखा है।
सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम से अनुमति प्रक्रिया में पारदर्शिता
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शहर में आयोजनों की अनुमति प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को लागू करने की मांग की है। यह प्रणाली पुलिस, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों की अनुमति एक ही मंच पर लाएगी। इससे आयोजकों को अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की बजाय एक ही जगह से मंजूरी मिलेगी।
नोडल अधिकारी नियुक्ति से बेहतर समन्वय की उम्मीद
पत्र में महापौर ने यह भी सुझाव दिया है कि आयोजनों से जुड़ी सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। इस अधिकारी का काम आवेदनों के त्वरित निस्तारण और विभागों के बीच संवाद सुनिश्चित करना होगा। इससे अनुमति प्रक्रिया में लगे समय में कमी आएगी और आयोजन सुचारू रूप से हो सकेंगे।
समयबद्ध रूपरेखा तैयार करने की मांग
महापौर ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि वे संबंधित विभागों की एक संयुक्त बैठक बुलाएं। इस बैठक में सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम को लागू करने के लिए एक समयबद्ध रूपरेखा बनाई जाए। समय सीमा निर्धारित करने से प्रक्रिया में तेजी आएगी और आयोजकों को पहले से स्पष्टता मिलेगी।
शहर की सुरक्षा और प्रशासनिक दक्षता के लिए आवश्यक कदम
शहर में सार्वजनिक कार्यक्रमों की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा, बेहतर प्रशासनिक समन्वय और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। इससे इंदौर की वैश्विक छवि भी मजबूत होगी। बेहतर प्रबंधन से आयोजनों के दौरान सुरक्षा संबंधी खतरे कम होंगे और नागरिकों को सुविधा मिलेगी।
आम नागरिकों पर सकारात्मक प्रभाव
सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू होने से आम नागरिकों को भी फायदा होगा। वे आयोजन स्थल पर भीड़-भाड़ और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से राहत महसूस करेंगे। इसके अलावा, आयोजन आयोजकों को भी कम समय में अनुमति मिलने से नए कार्यक्रम तेजी से आयोजित करने का अवसर मिलेगा।
आगे की प्रक्रिया और उम्मीदें
अब कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा संबंधित विभागों की बैठक बुलाने और प्रस्तावित प्रणाली पर विचार करने का इंतजार है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इंदौर में सार्वजनिक आयोजनों का स्वरूप बदल सकता है। इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और शहर में आयोजनों का बेहतर प्रबंधन होगा।
