मध्यप्रदेश में 29 अक्टूबर को सिंगरौली, सीधी और मऊगंज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन पूर्वी जिलों में भारी से अति भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। यह ऑरेंज अलर्ट बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव के कारण जारी किया गया है।
सिंगरौली, सीधी और मऊगंज में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, 29 अक्टूबर को इन तीन जिलों में कहीं-कहीं 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा, गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस वजह से स्थानीय प्रशासन ने सतर्क रहने को कहा है।
ऑरेंज अलर्ट का मतलब है कि वेदर कंडीशंस खतरनाक स्थिति में हैं और लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर बाहर काम करने वाले और किसानों को मौसम विभाग की सूचनाओं पर ध्यान देना आवश्यक है।
चक्रवात अर्नब का मध्यप्रदेश पर प्रभाव
बंगाल की खाड़ी से उठा साइक्लोनिक चक्रवात ‘अर्नब’ मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आंधी-तूफान और भारी बारिश लेकर आया है। मंगलवार रात से इसका प्रभाव दिखना शुरू हो गया था और 29 अक्टूबर को इसका असर सबसे अधिक रहेगा।
इस चक्रवात के कारण सिंगरौली, सीधी और मऊगंज में तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा। साथ ही, आसपास के जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
रीवा, सतना व अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने रीवा, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट और मैहर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट भी दिया है। यहां 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
येलो अलर्ट का अर्थ है कि मौसम सामान्य से खराब होगा और लोगों को सतर्क रहना चाहिए। विशेषकर बारिश के दौरान जलभराव और सड़क दुर्घटना की जोखिम बढ़ जाती है, इसलिए सावधानी जरूरी है।

भोपाल और मध्यप्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम का हाल
राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, ग्वालियर समेत लगभग 28 जिलों में बादल छाने और हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान है। इस दौरान तापमान में गिरावट रहेगी जिससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
भोपाल में 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व है, लेकिन बादलों के कारण चंद्र दर्शन में बाधा आ सकती है। लोगों को इस मौसम में सावधानी के साथ पूजा-अर्चना करने की सलाह दी जाती है।
किसानों और आम जनता के लिए मौसम का असर
मौसम में अचानक बदलाव के कारण पांढुर्णा मंडी सहित कई स्थानों पर खुले में रखा मक्का गीला हो गया है। इससे फसलों को नुकसान होने का खतरा बढ़ गया है। किसान अपने खेतों में काम करने से पहले मौसम विभाग के अपडेट जरूर देखें।
साथ ही, तेज बारिश और तेज हवाओं के चलते आम जनता को जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और सुरक्षित स्थान पर शरण लें।
मौसम विभाग की सलाह और सुरक्षा के उपाय
मौसम विभाग ने लोगों से आग्रह किया है कि वे ऑरेंज और येलो अलर्ट का ध्यान रखते हुए जरूरी सावधानियां बरतें। बाहर निकलने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें। साथ ही, बच्चों, बुजुर्गों और बीमारों का खास ख्याल रखें।
गरज-चमक के दौरान खुले में न रहें और बिजली गिरने पर सुरक्षित इमारत या वाहन के अंदर शरण लें। तेज बारिश में जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें। किसानों को भी खेतों में काम करने से पहले सतर्क रहना चाहिए।
