राजस्व आसूचना निदेशालय (DRI) की इंदौर क्षेत्रीय इकाई ने भोपाल बस स्टैंड से 7.25 करोड़ की मेथाम्फेटामाइन बरामद की है। यह कार्रवाई मंगलवार तड़के 21 अक्टूबर 2026 को भोपाल के अंतरराज्यीय बस स्टैंड (ISBT) पर की गई।
डीआरआई की निगरानी के बाद मेथाम्फेटामाइन की बरामदगी
डीआरआई की टीम ने दिल्ली से बस द्वारा यात्रा कर रहे एक संदिग्ध पुरुष की लगातार 12 घंटे से अधिक समय तक निगरानी की। इसके बाद भोपाल आईएसबीटी पर बस रोककर जांच की गई। इस दौरान ट्रॉली बैगों में छिपाई गई 9.139 किलोग्राम मेथाम्फेटामाइन बरामद हुई।
यह नशीला पदार्थ सलवार-सूट के पैकेटों में छिपाकर रखा गया था ताकि जांच से बचा जा सके।

बरामद ड्रग्स की कीमत और मात्रा
जब्त की गई मेथाम्फेटामाइन की अनुमानित कीमत 7.25 करोड़ से 7.32 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है। यह मात्रा और कीमत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस ड्रग की गंभीरता को दर्शाती है।
इस हिसाब से यह कार्रवाई मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
आरोपी की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई
दिल्ली से बस में यात्रा कर रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके खिलाफ मादक पदार्थ एवं साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 की प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आगे की जांच के दौरान तस्करी के बड़े नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश जारी है।
मेथाम्फेटामाइन तस्करी की पृष्ठभूमि और खतरे
मेथाम्फेटामाइन एक सिंथेटिक नशीला पदार्थ है जो मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक माना जाता है। यह नशा युवाओं में तेजी से फैल रहा है और इसके कारण अपराध दर में इजाफा हो रहा है।
इसलिए इस तरह की बरामदगी से समाज में सुरक्षा का भाव बढ़ता है और तस्करों को कठोर संदेश जाता है।
निगरानी और भविष्य में कदम
डीआरआई की सतर्कता और लगातार निगरानी इस सफलता की मुख्य वजह रही। भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रखी जाएगी ताकि मादक पदार्थ तस्करी को रोकने में मदद मिले।
सरकार भी इस क्षेत्र में कड़े कानूनों और बेहतर तकनीक के जरिये तस्करों पर नकेल कसेगी।
आम जनता पर असर और सुरक्षा
इस बड़ी बरामदगी से आम जनता को सुरक्षा की भावना मिलेगी। साथ ही नशीले पदार्थों के प्रसार को रोकना सामाजिक और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
इससे युवाओं को नशे से दूर रखने और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
