इंदौर। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कल जल संकट को लेकर बैठक बुलाई थी। इस बैठक से पांच विधायकों ने दूरी बनाई थी, जिसमें विधानसभा चार की विधायक मालिनी गौड़ भी शामिल थीं। जब उनसे इस संबंध में पूछा गया तो उनका जवाब था कि ऐसी बैठकों में जाने का कोई मतलब नहीं।

विजयवर्गीय की बात का दिया जवाब

उल्लेखनीय है कि कल मंत्री विजयवर्गीय ने कहा था कि जो विधायक बैठक में नहीं आए, शायद उनके क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं हो। शारदा कन्या स्कूल में एक कार्यक्रम में शामिल होने आईं मालिनी गौड़ से जब इस संबंध मे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी बैठकों में जाने का कोई फायदा नहीं होता।

कई बैठकों में गई, कोई समाधान नहीं

मालिनी गौड़ ने कहा कि विधानसभा में सब दूर पानी की समस्या है। पीने के पानी के साथ ही गंदे पानी की भी समस्या है। कई बैठकों में गई, यहां तक कि नगरीय प्रशासन विभाग के एसीएस की बैठक में भी समस्या उठा चुकी हूं। फिर भी कोई समाधान नहीं मिला।

डिस्ट्रीब्यूशन लाइन तक नहीं डाली

मालिनी गौड़ ने कहा कि उनके क्षेत्र में नर्मदा की टंक बन तो गई है लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन लाइन अब तक नहीं डाली गई है। कई बार वे ये मुद्दा उठा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

महापौर से लेकर अधिकारी तक के साथ बैठक

विधायक गौड़ ने कहा कि वे इस संबंध में महापौर पुष्यमित्र भार्गव के साथ बैठक कर चुकी हैं। जलकार्य प्रभारी बबलू शर्मा और निगम के अधिकारियों के साथ भी बैठक हो चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ऐसी बैठकों में जाने से कोई फायदा नहीं होता, इसलिए मैं नहीं गई। मालिनी गौड़ ने कहा कि वे उचित स्थान पर अपनी बात जरूर रखेंगी।

विजयवर्गीय ने कल की थी टिप्पणी

कल मंत्री विजयवर्गीय की बैठक में विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मधु वर्मा और विधायक महेंद्र हार्डिया ही नजर आए। इस संबंध में जब मंत्रीजी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मेरे से क्यों पूछ रहे हैं उनसे पूछिए। फिर कहा कि हो सकता है उन विधायकों के क्षेत्र में जलसंकट नहीं हो।

राजनीतिक अदावत एक बार फिर आई सामने

उल्लेखनीय है कि लंबे समय से मंत्रीगुट और विधानसभा चार में राजनीतिक अदावत चलती रहती है। महापौर भी चार नंबर में थोड़ी ज्यादा ही रुचि दिखाते हैं। मंत्री विजयवर्गीय और मालिनी गौड़ के बयान के बाद एक बार फिर दोनों गुटों की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है।


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