इंदौर-देवास बायपास की खराब सड़क स्थिति को लेकर चल रही विवादित स्थिति में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कहा है कि इंदौर-देवास बायपास के गड्ढे भर दिए गए हैं और सुधार कार्य जारी हैं। यह दावा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में जनहित याचिका (PIL) की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किया गया।

इंदौर-देवास बायपास के गड्ढे भरने का NHAI का दावा

NHAI ने कोर्ट को बायपास की स्थिति सुधारने के लिए ली गई तस्वीरें दिखाईं। उन्होंने बताया कि मुख्य गड्ढे भर दिए गए हैं और अब सड़क पर यातायात बाधित नहीं हो रहा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सड़क की सेवा और सुरक्षा के लिए सुधार कार्य लगातार चल रहे हैं।

हालांकि, NHAI के इस दावे को कोर्ट ने अंतिम सत्य नहीं माना और याचिकाकर्ता को मौके पर जाकर सड़क की वास्तविक स्थिति जांचने के निर्देश दिए।

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती और याचिका की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में जस्टिस सुबोध अभ्यंकर और जस्टिस जय कुमार पिल्लई की डबल बेंच इस जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसे वर्ष 2021 में सामाजिक संस्था मातृ फाउंडेशन ने दायर किया था। इस याचिका के माध्यम से इंदौर-देवास बायपास की बदहाली, गड्ढों, जलभराव और अन्य समस्याओं को उजागर किया गया है।

याचिकाकर्ता एडवोकेट अमेय बजाज ने कोर्ट को बताया कि सड़क पर बड़े गड्ढे, जर्जर सर्विस रोड, खराब ड्रेनेज और बंद स्ट्रीट लाइटें दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही हैं।

सड़क दुर्घटना में महिला की मौत का ताजा मामला

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि 11 अगस्त की पिछली सुनवाई के बाद भी सड़क की खराब स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। इसी वजह से हाल ही में एक महिला की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। यह घटना बायपास की सुरक्षा की गंभीर स्थिति को दर्शाती है।

कोर्ट ने इस तथ्य को गंभीरता से लिया और इस पर उचित कार्रवाई की मांग की।

इंदौर-देवास बायपास की मूल समस्याएं

याचिका में मुख्य रूप से बायपास पर बड़े-बड़े गड्ढे, जर्जर सर्विस रोड, खुले और बंद ड्रेनेज, जलभराव, बंद पड़ती स्ट्रीट लाइटें और ब्लैक स्पॉट्स को सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है।

इन समस्याओं के कारण न केवल दुर्घटना की आशंका बढ़ी है, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजाना आवागमन में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

कोर्ट की अगली सुनवाई और आगामी कदम

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की है। इस दिन याचिकाकर्ता मौके पर जाकर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।

इसके बाद कोर्ट आवश्यकतानुसार NHAI को और निर्देश दे सकती है ताकि सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार हो सके।

सड़क सुधारों का आम जनता पर प्रभाव

इंदौर-देवास बायपास की स्थिति में सुधार से न केवल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को सुगम और सुरक्षित यात्रा का लाभ भी मिलेगा।

फिलहाल, बायपास पर सुधार कार्यों की निरंतरता और प्रभावी निगरानी जरूरी है ताकि सड़क की गुणवत्ता बनी रहे और भविष्य में दुर्घटनाओं को रोका जा सके।


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