भोपाल में प्रदेश की पहली सरकारी आयुर्वेद फार्मेसी का निर्माण तेजी से प्रगति पर है। यह आयुर्वेद फार्मेसी पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान परिसर में स्थापित की जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण आयुर्वेदिक दवाएं आधी कीमत में उपलब्ध कराना है।

आयुर्वेद फार्मेसी निर्माण का वर्तमान स्थिति

फार्मेसी का भवन लगभग 70 प्रतिशत पूरा हो चुका है। मशीनों की स्थापना का कार्य भी जारी है। डीन डॉ. उमेश शुक्ला के अनुसार, निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। फिलहाल लाइसेंस और जीएमपी सर्टिफिकेशन में थोड़ी देरी के कारण संचालन दिसंबर 2026 तक टल गया है।

भोपाल में पहली सरकारी आयुर्वेद फार्मेसी का निर्माण

आयुर्वेद फार्मेसी में दवाओं की गुणवत्ता नियंत्रण

इस फार्मेसी में दवाओं के निर्माण के साथ ही परीक्षण लैब भी होगी। इससे दवाओं की शुद्धता और गुणवत्ता पर सीधा नियंत्रण रहेगा। यह सुविधा पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय के परिसर में ही उपलब्ध होगी।

मरीजों को आधी कीमत में दवाएं उपलब्ध कराना होगा मुख्य लक्ष्य

फार्मेसी का बड़ा उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाजार की तुलना में लगभग 50% कम कीमत पर आयुर्वेदिक दवाएं देना है। इससे आम जनता को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में राहत मिलेगी।

आयुर्वेद फार्मेसी से प्रदेश के अन्य अस्पतालों को दवाएं सप्लाई

प्रारंभिक चरण में दवाएं केवल खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद अस्पताल के मरीजों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके बाद इन्हें प्रदेश के अन्य सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में भी वितरित किया जाएगा, जिससे पूरे प्रदेश में लाभ होगा।

आयुर्वेद फार्मेसी के संचालन में देरी के कारण

आयुर्वेद फार्मेसी के संचालन में देरी का मुख्य कारण लाइसेंस प्रक्रिया, जीएमपी सर्टिफिकेशन और मशीनों की स्थापना में आ रही तकनीकी समस्याएं हैं। विभाग ने इसे दिसंबर 2026 तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

आगे की संभावनाएं और प्रभाव

आयुर्वेद फार्मेसी के सफल संचालन से प्रदेश में आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में मजबूती आएगी। इससे न केवल मरीजों को सस्ती दवाएं मिलेंगी, बल्कि आयुर्वेद की लोकप्रियता भी बढ़ेगी। यह पहल प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।


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