इंदौर संभाग में 15-17 अक्टूबर तक आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने बताया है कि इस दौरान इंदौर और आसपास के 11 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
मौसम विभाग का 15-17 अक्टूबर के लिए चेतावनी
मध्य प्रदेश के मौसम विभाग (IMD भोपाल) ने 15 से 17 अक्टूबर के बीच इंदौर संभाग सहित राज्य के कई जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण यह बदलाव हुआ है। इससे तेज हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।
इस दौरान इंदौर संभाग के 11 जिलों में आंधी-बारिश की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं, जिनमें धार, खरगोन, खंडवा, देवास, बड़वानी, बुरहानपुर, और आलीराजपुर भी शामिल हैं।
इंदौर संभाग के जिलों में बादल बरसने की संभावना
मौसम तंत्रों के प्रभाव से इंदौर संभाग के जिलों में 18 से 22 अक्टूबर तक भी बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। यह बारिश मानसून के बाद भी बनी नमी और चक्रवाती परिसंचरण की वजह से हो रही है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश से कुछ इलाकों में जलजमाव की आशंका भी हो सकती है।
बारिश से फसलों और पेयजल की व्यवस्था को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन साथ ही कुछ इलाकों में सड़क मार्ग प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम में बदलाव
इंदौर संभाग के अलावा मध्य प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी 15 से 17 अक्टूबर के बीच मौसम में बदलाव देखने को मिला है। ग्वालियर, भिंड, मुरैना, भोपाल, रायसेन और उज्जैन जैसे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने के साथ तेज हवाओं का भी असर रहा।
मौसम विभाग ने 20 जिलों में इस अवधि के दौरान आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। इससे मानसून के बाद भी प्रदेश के कई इलाकों में नमी बनी हुई है, जो बारिश के लिए सहायक है।

आम लोगों और दशहरे आयोजनों पर प्रभाव
आंधी और बारिश के कारण इंदौर संभाग के कई जिलों में दशहरे के दौरान होने वाले कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। तेज हवा से पंडालों और सजावट को नुकसान पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा, खुले मैदानों में होने वाले आयोजन भी रुक सकते हैं।
लोगों को मौसम की जानकारी पर ध्यान देने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
मौसम में बदलाव का कारण और भविष्य का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने और अरब सागर से नमी आने के चलते मौसम में यह बदलाव हुआ है। मानसून की विदाई के बाद भी ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण प्रदेश में बारिश की संभावना बनी हुई है।
आगे भी 21 और 22 अक्टूबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। वहीं, पूर्वी मध्यप्रदेश में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहने का अनुमान है। तापमान में गिरावट के साथ ठंडक बढ़ेगी।
बारिश के कारण प्रदेश में वर्षा का आंकड़ा
हालांकि बारिश जारी है, लेकिन प्रदेश में इस वर्ष की कुल वर्षा सामान्य से कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में वर्षा सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम दर्ज की गई है।
इस बीच बारिश की यह गतिविधि कुछ क्षेत्रों में राहत प्रदान कर सकती है, लेकिन किसानों और आम लोगों को मौसम की बदलती स्थिति पर नजर बनाए रखनी होगी।
