मध्य प्रदेश में विजयादशमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन किया। इस कार्यक्रम में उन्होंने पुलिस विभाग के 22,500 खाली पद भरने की महत्वपूर्ण घोषणा की, जिससे प्रदेश में पुलिस व्यवस्था मजबूत होगी। यह शस्त्र पूजन कार्यक्रम राज्य के 55 जिलों में व्यापक रूप से मनाया गया।
डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में शस्त्र पूजन किया
20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की डीआरपी लाइन में पुलिस के आग्नेय अस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया। पुरोहितों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महाकाली की पूजा-अर्चना भी संपन्न हुई। इस अवसर पर पुलिस कमिश्नर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
यह शस्त्र पूजन पुलिस विभाग के समर्पण और सुरक्षा की भावना को दर्शाता है। साथ ही यह परंपरा राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के संकल्प को मजबूत करती है।

पुलिस विभाग के 22,500 पदों पर भर्ती का ऐलान
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अगले दो वर्षों के भीतर मध्य प्रदेश सरकार पुलिस विभाग के 22,500 खाली पद भरने का कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि इनमें से 18,500 पदों पर भर्ती का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश की सुरक्षा और पुलिस बल को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।
इसके अतिरिक्त, अगले वर्ष तक प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड के लिए 750 पदों की भर्ती भी की जाएगी, जिससे सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में परेड का आयोजन बेहतर होगा।
प्रदेशव्यापी शस्त्र पूजन कार्यक्रमों का आयोजन
विजयादशमी के दिन मध्य प्रदेश के 31 जिलों में मंत्री और 24 जिलों में कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस लाइनों और थानों में विधिवत पूजा की गई, जिससे यह परंपरा पूरे प्रदेश में जीवित रहे।
इससे पुलिस विभाग के सम्मान और मनोबल को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही यह राज्य सरकार की सुरक्षा तंत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

‘पुलिस सेतु’ ऐप का शुभारंभ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इंदौर पुलिस के ‘पुलिस सेतु’ मोबाइल ऐप का भी लोकार्पण किया। यह ऐप नागरिकों और पुलिसकर्मियों के बीच पारदर्शी संवाद स्थापित करेगा।
इस ऐप के जरिए पुलिस थानों की जानकारी, नजदीकी थाने की लोकेशन, संपर्क विवरण और अन्य सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे आम जनता को पुलिस से जुड़ी सुविधाएं सरलता से मिलेंगी और पुलिस की जवाबदेही बढ़ेगी।
पुलिस बैंड के साथ राज्य स्तरीय परेड की योजना
मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले वर्ष से प्रदेश के जिलों में गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर पुलिस बैंड के साथ भव्य परेड आयोजित की जाएगी। इसके लिए पुलिस बैंड के 750 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिससे इन कार्यक्रमों की शोभा बढ़ेगी।
यह पहल प्रदेश में सांस्कृतिक समरसता और पुलिस बल की अनुशासनात्मक ताकत को दर्शाएगी। इससे पुलिस और जनता के बीच सकारात्मक संबंध मजबूत होंगे।
शस्त्र पूजन और विजयादशमी का सामाजिक महत्व
विजयादशमी पर शस्त्र पूजन का आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह कार्यक्रम न केवल पुलिस बल की वीरता को सम्मानित करता है, बल्कि समाज में कानून-व्यवस्था के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।
मध्य प्रदेश में इस परंपरा को बनाए रखना सामाजिक स्थिरता और सुरक्षा के लिए आवश्यक है। आने वाले समय में इन भर्तियों और योजनाओं से प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।
