शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट (22 अक्टूबर 2026) से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। इस दौरान BSE सेंसेक्स 460.30 अंक यानी 0.62% टूटकर 73,249.39 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी-50 सूचकांक भी 123.70 अंक की गिरावट लेकर 22,687.65 पर आ गया। बाजार में यह लगातार तीसरा कारोबारी दिन था जब कमजोरी दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के लगभग ₹15 लाख करोड़ डूब चुके हैं।
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट का कारण
शेयर बाजार में लगातार गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिमी एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव रहा। सऊदी अरामको के तेल क्षेत्र पर हुए ड्रोन हमलों ने कच्चे तेल की कीमतों को $110-$112 प्रति बैरल से ऊपर पहुंचा दिया। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी और बाजार में भारी दबाव आया।
इसके अलावा डॉलर-रुपया विनिमय दर में 36 पैसे की कमजोरी देखी गई, जिससे रुपया 94.82 पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की गिरावट को तेज किया।

सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के आंकड़े
22 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स ने 460.30 अंकों की गिरावट दर्ज की। निफ्टी 50 सूचकांक 123.70 अंक टूटकर 22,687.65 पर बंद हुआ। यह लगातार तीसरा दिन था जब दोनों प्रमुख सूचकांक लाल रंग में बंद हुए।
इस दौरान BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर लगभग ₹458 लाख करोड़ रह गया। इस एक दिन की गिरावट में निवेशकों को ₹3 से ₹4 लाख करोड़ का नुकसान हुआ।
टॉप लूजर्स और गेनर्स की स्थिति
शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए। बजाज फाइनेंस ने 1.61% की बढ़त के साथ निवेशकों को राहत दी। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, सिप्ला और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए।
वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इटरनल, नेस्ले इंडिया, एचडीएफसी बैंक और टाटा मोटर्स के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी क्रमशः 0.87% और 1.14% की कमजोरी दर्ज हुई।
बाजार में अस्थिरता और निवेशकों की प्रतिक्रिया
बाजार में अस्थिरता मापने वाला इंडेक्स इंडिया विक्स 15.82 के स्तर पर पहुंच गया, जो यह दर्शाता है कि निवेशकों में जोखिम लेने को लेकर हिचकिचाहट है। लगातार तीन दिन की गिरावट ने बाजार की धारणा को कमजोर किया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशक सतर्क हैं। इससे बाजार में व्यापक बिकवाली बनी हुई है।
छोटे और मझोले शेयरों पर दबाव
स्मॉलकैप और मिडकैप सेक्टर में भी गिरावट का दबाव नजर आया है। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.87% और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.14% की गिरावट आई। इसका मतलब है कि छोटे और मझोले कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तेज हुई है।
यह व्यापक कमजोरी दर्शाती है कि बाजार के हर हिस्से में निवेशकों का भरोसा कम हुआ है और वे जोखिम से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
आगे की संभावनाएं और निवेशकों के लिए सुझाव
शेयर बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट के बाद निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति अगले कुछ दिनों में बाजार के मूड को प्रभावित करती रहेगी।
निवेशकों को जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए और दीर्घकालिक निवेश रणनीति पर विचार करना चाहिए। बाजार में उतार-चढ़ाव आम बात है, इसलिए जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना जरूरी है।
