एशियन पैरा गेम्स में 3 गोल्ड मेडल जीतने वाले पैरा एथलीट नीरज यादव की आत्महत्या ने खेल जगत को स्तब्ध कर दिया है। नीरज यादव 27 अक्टूबर 2026 की रात दिल्ली में अपने फ्लैट में मृत पाए गए। उनकी मौत से जुड़े सभी पहलुओं पर अभी जांच जारी है।
नीरज यादव की मौत और आत्महत्या की पुष्टि
नीरज यादव की मौत की पुष्टि भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने की है। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, नीरज ने जहर लेकर खुदकुशी की। 28 अक्टूबर को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम किया गया। पुलिस ने भी मौत को संदिग्ध आत्महत्या बताया है और मामले की जांच कर रही है।

एशियन पैरा गेम्स में नीरज यादव की उपलब्धियां
नीरज यादव ने एशियन पैरा गेम्स में तीन गोल्ड मेडल जीते थे, जो उनके करियर की बड़ी उपलब्धि थी। उन्होंने 2018 के जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया। इसके बाद 2023 के हांगझू एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन और डिस्कस थ्रो दोनों में गोल्ड मेडल जीता। ये उनकी खेल प्रतिभा का प्रमाण हैं।
डोपिंग निलंबन और मानसिक दबाव का असर
नीरज यादव को अक्टूबर 2023 में डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण चार साल के लिए निलंबित किया गया था। उनके सैंपल में स्टैनोज़ोलोल नामक एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाया गया था। निलंबन के कारण उन्हें 2023 के मेडल भी वापस लेने पड़े। इस बैन के कारण वह 2026 के आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा नहीं ले सके। इससे उन्हें वित्तीय नुकसान और मानसिक तनाव झेलना पड़ा।
नीरज यादव का खेल जीवन और पृष्ठभूमि
नीरज यादव उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से थे। सात वर्ष की उम्र में पोलियो से प्रभावित होने के बाद उन्होंने 2005 से 2012 तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। 2015 में उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स में कदम रखा और F55 कैटेगरी में जैवलिन और डिस्कस थ्रो जैसी स्पर्धाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाया।
डोपिंग बैन के बाद करियर में आई मुश्किलें
डोपिंग बैन के कारण नीरज यादव के खेल करियर पर भारी प्रभाव पड़ा। उन्हें सरकारी पुरस्कार राशि रद्द करनी पड़ी और रोजगार के अवसर भी सीमित हो गए। इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हुआ। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों को इस तरह के दबाव से बचाने के लिए बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
नीरज यादव की मौत से खेल जगत में शोक
नीरज यादव की अचानक मौत से भारतीय पैरा एथलेटिक्स समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके मेंटर्स और साथी खिलाड़ियों ने इसे बड़ा नुकसान बताया है। फिलहाल, जांच पूरी होने के बाद ही मौत के पीछे की असली वजह साफ होगी। इस घटना ने खेल जगत में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा को भी तवज्जो दी है।
