टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में आरोपी ऋतिक ने पुलिस को चकमा देने के लिए अपनी पहचान छिपाने हेतु सिर मुंडवा लिया था। यह खुलासा मुंबई पुलिस की जांच में सामने आया है, जो इस घटना की गहनता से तफ्तीश कर रही है।
फायरिंग की घटना और आरोपियों की गिरफ्तारी
यह वारदात 18 अक्टूबर 2026 को शाम लगभग सात बजे मुंबई के जुहू इलाके में हुई। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल ग्राउंड से लौट रहे थे तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उनकी बीएमडब्ल्यू कार पर गोलीबारी की। कार पर कुल 5 गोलियां लगीं, जबकि 7 राउंड फायर किए गए। इस हमले में टाइगर सुरक्षित रहे, लेकिन उनका ड्राइवर फिरदौस और एक राहगीर घायल हो गए।
मुंबई पुलिस और राजस्थान की कोटा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। इन आरोपियों में ऋतिक कुमार महतो बिहार के बेगूसराय, रेहान हरियाणा के सोनीपत और एक नाबालिग शामिल है।

ऋतिक ने कैसे छिपाई अपनी असली पहचान?
पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी ऋतिक ने अपनी पहचान छिपाने के लिए सिर मुंडवा लिया था। यह कदम उसने खुद को पुलिस की पकड़ से बचाने और घटना के पीछे की साजिश को छुपाने के लिए उठाया। 22 वर्षीय ऋतिक की यह चालाकी जांच अधिकारियों के लिए एक बड़ा सुराग साबित हुई है।
इसके अलावा, आरोपी ने दो महीने से इस वारदात की योजना बनाई थी और टाइगर श्रॉफ के घर, जिम और आवागमन के रास्तों की रेकी दस दिनों तक की थी।
साजिश के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कनेक्शन
जांच में यह भी सामने आया कि इस हमले की साजिश में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के हैंडलर्स की भूमिका है। आरोपियों ने हमले से पहले और बाद में अपने हैंडलर्स के संपर्क में रहकर उन्हें अपडेट दिया।
सोशल मीडिया पर अनिल पंडित और हरमन संधू नामक व्यक्तियों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि पुलिस इस दावे की पुष्टि कर रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद की जांच
गرفتार आरोपियों से पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि उन्हें इस हमले के लिए एडवांस में 50 हजार रुपये दिए गए थे। साथ ही काम सफल होने पर और पैसे देने का वादा भी किया गया था।
जांचकर्ता यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि आरोपियों के पास मिले मोबाइल और कपड़ों के बैग में क्या संकेत छिपे हैं। तीसरे आरोपी ने घटना के बाद अपना फोन फेंक दिया था, जिससे जांच में बाधा आई है।
आम जनता और फिल्म इंडस्ट्री पर असर
इस घातक घटना ने मुंबई सहित पूरे देश में सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। बॉलीवुड के प्रमुख अभिनेता पर हमले ने फिल्म इंडस्ट्री के अंदरूनी माहौल को भी प्रभावित किया है।
इस मामले में सुरक्षा एजेंसियां और भी कड़ी हो गई हैं ताकि इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। आम जनता के लिए यह एक चेतावनी भी है कि उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्रों में भी खतरा मौजूद रहता है।
आगे की कार्रवाई और जांच का दायरा
मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच क्राइम ब्रांच और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को सौंपी है। आगे की जांच में आरोपी के गैंग से संबंधों की गहराई और अन्य शामिल संदिग्धों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
पुलिस जल्द ही आरोपियों को अदालत में पेश करेगी और मामले को त्वरित तरीके से सुलझाने का प्रयास करेगी। इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की भी मांग उठ रही है।
