टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपी प्रांजल को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में रखा गया है। यह मामला 18 अक्टूबर 2026 को मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग से जुड़ा है। पुलिस ने 24 अक्टूबर को इंदौर से प्रांजल ठाकरान को गिरफ्तार किया था, जिसे अब कोर्ट ने छह दिनों की कस्टडी दी है।

प्रांजल ठाकरान की गिरफ्तारी और पुलिस कस्टडी

मुंबई क्राइम ब्रांच और इंदौर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में 22 वर्षीय प्रांजल ठाकरान को 24 अक्टूबर को इंदौर के परदेसीपुरा इलाके से पकड़ा गया। कोर्ट ने उसे 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। इससे पहले 21 अक्टूबर को इस मामले के तीन मुख्य आरोपी शूटरों को भी 31 अक्टूबर तक पुलिस कस्टडी में रखा गया था। प्रांजल इस मामले में 11वें आरोपी हैं।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में आरोपी प्रांजल पुलिस हिरासत में

प्रांजल की भूमिका और आरोप

पुलिस के मुताबिक, प्रांजल ने हथियार और कारतूस शूटरों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। वह अमेरिका में बैठे मास्टरमाइंड अनिल पंडित और स्थानीय नेटवर्क के बीच मध्यस्थता करता था। उसकी निशानदेही से गुजरात के सूरत से दो अवैध हथियार और दस कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस उसे लॉजिस्टिक सपोर्ट और ऑपरेशनल मदद देने का आरोप भी लगा रही है।

इंदौर में प्रांजल का उपचार के लिए ठहराव

प्रांजल मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत जिले के हरसाना गांव का निवासी है। वह इंदौर के एक अस्पताल में अपने पैरालिसिस पीड़ित भाई के इलाज के लिए आया था। पुलिस ने उसके अस्पताल के पास से गिरफ्तारी की। परिजनों का दावा है कि वह निर्दोष है और केवल भाई की देखभाल के लिए इंदौर में था।

सोशल मीडिया गतिविधियां और जांच

गिरफ्तारी से पहले प्रांजल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर बंदूक और कारतूस की माला के साथ वीडियो पोस्ट किए थे। पुलिस इसके आधार पर उसकी गतिविधियों और संपर्कों की जांच कर रही है। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट उसका अपराध साबित नहीं करते। जांच एजेंसियां उसके पुराने संपर्कों और हथियार सप्लाई नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं।

मामले की पृष्ठभूमि और अब तक की गिरफ्तारी

18 अक्टूबर को जुहू में टाइगर श्रॉफ की कार पर 5-6 राउंड फायरिंग की गई थी, जिसमें अभिनेता सुरक्षित रहे। पुलिस ने इससे पहले इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इनमें आठ आरोपी सोनीपत के रहने वाले हैं। पुलिस का मानना है कि प्रांजल ने शूटरों को हथियार उपलब्ध कराए और उनकी मदद की।

आगे की जांच और संभावित कार्रवाई

पुलिस अब प्रांजल से हथियार सप्लाई, आरोपियों के संपर्क और फायरिंग की साजिश के बारे में पूछताछ कर रही है। जांच में उसके पुराने मामलों और संदिग्ध संपर्कों को भी देखा जा रहा है। 31 अक्टूबर के बाद पुलिस उसकी कस्टडी बढ़ाने या अन्य आरोप तय करने का निर्णय ले सकती है। इस मामले की गूढ़ता से यह साफ है कि व्यापक नेटवर्क सक्रिय था।


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