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पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू, भष्मक में चूना मिलाकर डाले गए कचरे के पैकेट

पहले चरण के ट्रायल में 10 टन कचरा जलेगा, पूरी प्रक्रिया पर रखी जा रही निगरानी

इंदौर। पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड के कचरे को जलाने की प्रक्रिया आज शुरू हो गई है। दो भस्मकों में 800 और 1200 डिग्री तापमान  रखा गया और उसमें कचरा जलाया गया। उसमें से जो राख बचेगी। उससे पीथमपुर के ही रामकी प्लांट में लैंडफिल किया जाएगा। 30 टन के ट्रायल रन की रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुति की जाएगी।

संभागायुक्त दीपक सिंह ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया और पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी। उन्होंने कहा कि कचरा जलाने के दौरान परिणामों का आंकलन किया गया। निष्पादन के दौरान कोई समस्या नहीं आई तो प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। हाईकोर्ट के निर्देशों में भी यही उल्लेख है।

साढे चार किलो चूना और साढे चार किलो कचरा

इन्सीनरेटर को 27 फरवरी 2025 को रात्रि 10 बजे से डीजल द्वारा प्रारंभ किया गया है, जो लगभग 12 से 14 घण्टे बिना अपशिष्ठ के डाले ही चलाया गया है। ताकि प्रथमिक दहन कक्ष का तापमान 850 डिग्री सेंटीग्रेड एवं द्वितीयक दहन कक्ष का तापमान 1100 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक प्राप्त हो। डीजल से इन्सीनरेटर को चलाये जाने पर लगभग 500 से 600 लीटर/घण्टा डीजल की खपत आई है। निर्धारित तापमान प्राप्त होने पर दिनांक 28 फरवरी 2025 को अपराहन्ह 03 बजे से यूनियन कॉर्बाईड के अपशिष्ठ का दहन प्रारंभ किया गया है। 135 कि.ग्रा./घण्टा की दर से अपशिष्ठ की फिडिंग की जा रही है, जिसमें 4.5 किलोग्राम अपशिष्ठ में 4.5 किलोग्राम चूना मिलाकर यानि 09 किलोग्राम के बैग बनाये गये तथा एक घण्टे में 30 बैग इन्सीनरेटर के प्राथमिक दहन कक्ष में डाले जा रहे हैं।

पहले ट्रायल रन में 10 टन कचरा जलेगा

कोर्ट के निर्देश पर पहले ट्रायल रन में सिर्फ 10 टन कचरा जलाया गया है। इस ट्रायल रन की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। उसके बाद बचा कचरा जलाया जाएगा। कुल 337 टन कचरा भोपाल से इंदौर तक 12 कंटेनरों में लाया जा चुका है। 57 दिनों से यह कंटेनर पीथमपुर में रखे गए हैं। फिलहाल पांच कंटेनरों को खोला गया है।

पटवारी बोले-सरकार बना रही कोर्ट का बहाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि यूनियन कार्बाइड के कचरे को लेकर सरकार कोर्ट का बहाना बना रही है। इसके पीछे उनके नेताओं के आर्थिक हित छिपे थे। मैं स्थानीय नेताओं और प्रशासन को चुनौती देता हूं कि रामकी कंपनी के आस-पास के 10 किलोमीटर के भू-जल की जांच की जाए अगर उसमें कैंसर के तत्व नहीं मिलेंगे तो मैं सार्वजनिक माफी मांगूगा।

सीएम बोले-कांग्रेस की लापरवाही से गई थी जान

जीतू पटवारी के बयान पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भोपाल में काफी संख्या में लोग यूनियन कार्बाइड के कारण मारे गए थे। इसमें कांग्रेस के तत्कालीन प्रशासन की लापरवाही थी। उन्होंने एक तरफ भोपाल को मरने के लिए छोड़ दिया था, दूसरी तरफ अब डराने का काम कर रहे हैं। माफी तो उन्हें मांगनी ही चाहिए।

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