उन्नाव में बक्सा कांड ने पूरे जिले को हिला कर रख दिया है। इस दर्दनाक मामले में मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की सिलबट्टे से हत्या कर शव को एक बक्से में बंद करके हाईवे किनारे फेंक दिया। इस घटना ने अपराध की नई परिभाषा पेश की है और पुलिस को चुनौती दी है।
हत्या और शव की बरामदगी का संक्षिप्त विवरण
अक्टूबर 2026 में उन्नाव जिले के बीघापुर/दही थाना क्षेत्र के पास रायबरेली राजमार्ग के किनारे एक लोहे के बक्से में 25 वर्षीय युवक का शव मिला। पुलिस ने मृतक की पहचान की, जो लगभग आठ वर्षों से अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी।
शव की दशा देखकर पुलिस ने हत्या की आशंका जताई और जांच शुरू की। जल्द ही पता चला कि इस हत्या में मृतक की पत्नी और उसका प्रेमी शामिल हैं।

पत्नी और प्रेमी द्वारा हत्या की साजिश
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मृतक की पत्नी के अवैध संबंध एक अन्य युवक के साथ थे। पति इस संबंध में बाधा बन रहा था। इसलिए पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची।
हत्या के दिन पत्नी ने अपने प्रेमी और कुछ सहयोगियों की मदद से पति के सिर पर सिलबट्टे से कई बार वार किए। यह वार इतनी ताकतवर थे कि मृतक की हत्या हो गई।
शव को छिपाने का प्रयास और पुलिस की जांच
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को छुपाने के लिए एक बड़े लोहे के बक्से में बंद किया। फिर उसे घटना स्थल से लगभग 15 किलोमीटर दूर रायबरेली राजमार्ग के किनारे फेंक दिया। आरोपियों ने शव को छुपाने के लिए हर संभव कोशिश की।
पुलिस ने आसपास के हाईवे और इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे बक्सा ले जाने वाले वाहन व संदिग्धों की पहचान हो सकी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपितों को गिरफ्तार किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
उन्नाव पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी, उसके प्रेमी और हत्या में सहयोग करने वाले एक यू-ट्यूबर व लोडर चालक को हिरासत में लिया। इसके साथ ही दो मजदूरों की तलाश जारी है, जिन्होंने शव को लोडर में लादने में मदद की थी।
एसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा होगा। गिरफ्तारी से इलाके में अपराध पर अंकुश लगाने की उम्मीद बढ़ी है।
इस हत्या ने सबको चौंकाया
इस तरह की निर्मम हत्या ने आम जनता में भय का माहौल पैदा कर दिया है। लोग सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वहीं, महिलाओं और परिवार के भीतर विश्वासघात की घटनाओं पर भी सवाल उठ रहे हैं।
यह घटना परिवारिक विवादों और अवैध संबंधों के खतरों को उजागर करती है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वे इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाएं।
पुलिस कर रही मामले क जांच
पुलिस की जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। आरोपियों की गिरफ़्तारी के बाद फोरेंसिक जांच और गवाहों से पूछताछ जारी है। अदालत में मुकदमे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आगे की जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या कोई और भी व्यक्ति इस हत्या में शामिल था। इस केस की सुनवाई पूरे जिले के लिए नजीर बनेगी।
