राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि मोदी सरकार को तत्काल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाना चाहिए ताकि आंदोलन रोका जा सके। यह बयान उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर दिया, जिसमें उन्होंने ज्ञानेश कुमार को ‘आरोपी नंबर 4’ बताते हुए उनकी बर्खास्तगी की मांग की।
राहुल गांधी का ज्ञानेश कुमार को हटाने का आग्रह
राहुल गांधी ने दिल्ली के व्यापारियों के लिए अपने संदेश में लिखा, “मोदी जी से कहिए – आरोपी नंबर 4, ज्ञानेश कुमार को हटाएं, 30 सेकंड में आंदोलन रुक जाएगा।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने राजधानी दिल्ली की मेट्रो सेवाएं बंद कर सड़कें सील कर दी हैं, जिससे व्यापार प्रभावित हुआ है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों ने नहीं बल्कि सरकार ने शहर को ठप किया है।

ज्ञानेश कुमार पर आरोप और विरोध प्रदर्शन की वजह
कांग्रेस नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका राजनीतिक प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। इस आरोप के चलते 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की बड़ी रैली प्रस्तावित है, जिसमें मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण की मांग की जाएगी।
दिल्ली व्यापारियों की चिंताएं और रैली स्थगित करने की अपील
दिल्ली के व्यापार संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने राहुल गांधी से अपील की थी कि वे 1 नवंबर की रैली दिवाली के बाद स्थगित करें। व्यापारियों का तर्क था कि विरोध प्रदर्शन, रास्तों की बंदिशें और मेट्रो स्टेशनों की सीलिंग से उनका त्योहारी कारोबार प्रभावित हो रहा है। इस कारण व्यापारिक नुकसान हो रहा है और वे इस समय शांति चाहते हैं।

आंदोलन का व्यापक असर और विपक्ष की रणनीति
राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अक्टूबर 2026 से देश भर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका यह अभियान मुख्य चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ केंद्रित है। दिल्ली में भी यह आंदोलन लगातार जारी है, जिसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया गया है।
सरकार और विपक्ष के बीच तीव्र तनाव
सरकार ने दिल्ली में मेट्रो सेवाएं बंद कर दी हैं और सड़कों को सील किया है, जिसका विरोध विपक्ष कर रहा है। राहुल गांधी ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने वाला कदम बताया है। वहीं सरकार की ओर से इस मामले पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
रैली को लेकर गर्म है राजनतिक माहौल
1 नवंबर को प्रस्तावित रैली को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। यदि ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन तेज होने की संभावना है। वहीं व्यापारियों की चिंताओं को देखते हुए राजनीतिक दबाव बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और तीव्र बहस होने की उम्मीद है।
