संभल की जामा मस्जिद में मंदिर के साक्ष्य: 150 साल पुरानी पुरातात्विक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
संभल की जामा मस्जिद को लेकर एक ऐतिहासिक दस्तावेज सामने आया है
- Published On :
15-Feb-2025
(Updated On : 15-Feb-2025 10:57 am )
संभल की जामा मस्जिद में मंदिर के साक्ष्य: 150 साल पुरानी पुरातात्विक रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
संभल की जामा मस्जिद को लेकर एक ऐतिहासिक दस्तावेज सामने आया है, जिसमें दावा किया गया है कि 1874-75 में किए गए पुरातात्विक सर्वेक्षण में इस इमारत के मंदिर होने के प्रमाण मिले थे। यह सर्वेक्षण ब्रिटिश इंजीनियर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) के संस्थापक मेजर जनरल ए कनिंघम की देखरेख में हुआ था।
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रिपोर्ट में क्या कहा गया?
रिपोर्ट के अनुसार, इमारत का गुंबद एक अद्वितीय संरचना है, जिसका आंतरिक आकार अंडाकार है और यह संभवतः हिंदू मंदिर के मूल ढांचे पर आधारित है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि गुंबद ईंटों से बना है और इसे पृथ्वीराज चौहान के समय फिर से बनाया गया था।
इमारत में पुराने हिंदू मंदिर और बाद में किए गए मोहम्मदी परिवर्तनों में स्पष्ट अंतर देखा गया है।
मूल मंदिर के केवल एक मुख्य द्वार था, जिसे मुसलमानों ने चार अतिरिक्त दरवाजे जोड़कर परिवर्तित किया।
दीवारों के प्लास्टर के नीचे पत्थर की संरचना के अवशेष मिले, जिन्हें हटाकर मस्जिद के फर्श में उपयोग किया गया।
रिपोर्ट में मंदिर के अवशेषों का उल्लेख
पुरातत्वविद् कैरलेइल के अनुसार, बाहरी प्रांगण की सीढ़ियों के नीचे खुदाई में लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियों के टुकड़े मिले।
एक मूर्तिकला में नालीदार स्तंभ का ऊपरी भाग स्पष्ट रूप से देखा गया।
मंदिर की दीवारें बड़ी ईंटों और पत्थरों से बनी थीं, लेकिन प्लास्टर से इन्हें ढंक दिया गया था।
अब क्या होगा?
संभल प्रशासन ने गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जा सकती है।
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने पुष्टि की कि यह रिपोर्ट पूरी तरह ऐतिहासिक दस्तावेजों पर आधारित है।
क्या यह ऐतिहासिक विवाद का नया मोड़ है?
यह रिपोर्ट इतिहासकारों और पुरातत्वविदों के लिए महत्वपूर्ण प्रमाण साबित हो सकती है। आगे की जांच से यह तय होगा कि इस ऐतिहासिक स्थल पर मंदिर था या नहीं, और इसका भविष्य क्या होगा।
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