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महाकुंभ में बैंकों का 37 करोड़ का कारोबार, खादी ग्रामोद्योग ने भी किया शानदार व्यापार

महाकुंभ 2025 में बैंकिंग और व्यापारिक गतिविधियों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए।

महाकुंभ में बैंकों का 37 करोड़ का कारोबार, खादी ग्रामोद्योग ने भी किया शानदार व्यापार

महाकुंभ 2025 में बैंकिंग और व्यापारिक गतिविधियों ने नए कीर्तिमान स्थापित किए। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए 16 बैंकों ने 40 से अधिक शाखाएं खोल रखी थीं, जहां अब तक 37 करोड़ रुपये का कारोबार दर्ज किया गया।

एसबीआई रहा नकदी जमा करने में अव्वल

बैंक अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर लोगों ने नकदी जमा की, जबकि निकासी कम रही।

  • एसबीआई (SBI) की शाखाओं में सबसे ज्यादा पैसा जमा हुआ, जहां प्रतिदिन औसतन 60-70 लाख रुपये जमा किए गए।

  • अन्य सार्वजनिक और निजी बैंकों में भी अच्छी खासी नकदी जमा हुई, लेकिन एसबीआई सबसे आगे रहा।

  • अधिकांश नकदी स्थानीय दुकानदारों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने जमा की।

एटीएम और डिजिटल लेनदेन का प्रभाव

श्रद्धालुओं को नकदी संकट से बचाने के लिए 50 मोबाइल एटीएम और 55 एटीएम बूथ लगाए गए। हालांकि, ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते चलन के कारण एटीएम का उपयोग अपेक्षाकृत कम हुआ।

  • त्रिवेणी रोड के एटीएम बूथ को एक सप्ताह बाद ही दोबारा रिफिल कराना पड़ा, लेकिन कई मोबाइल एटीएम का बहुत कम इस्तेमाल हुआ।

  • विदेशी मुद्रा बदलने की सुविधा भी उपलब्ध थी, लेकिन इसका उपयोग न के बराबर हुआ।

खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी में 9.52 करोड़ रुपये का व्यापार

महाकुंभ मेले में खादी ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी भी जबरदस्त हिट रही। 11 जनवरी से शुरू हुई इस प्रदर्शनी में अब तक 9.52 करोड़ रुपये का व्यापार दर्ज किया गया।

  • सबसे अधिक 84.29 लाख रुपये का व्यापार स्वराज आश्रम कानपुर की सिल्क, कॉटन और डिजाइनर कपड़ों की दुकान में हुआ।

  • नगालैंड की खादी ग्राम उद्योग संघ की दुकान में 63.42 लाख रुपये की बिक्री हुई।

  • कृषक खादी ग्राम उद्योग दुकान ने 44.48 लाख रुपये का व्यापार किया।

  • झांसी के महक फुटवियर ने 9.81 लाख रुपये, जबकि भदोही की फहद कार्पेट दुकान ने 11.19 लाख रुपये की बिक्री की।

खादी व्यापार में बढ़त, विजेताओं को मिलेगा पुरस्कार

खादी फेडरेशन के सचिव जय प्रकाश के अनुसार, अगर शहर के स्थानीय लोग भी अधिक संख्या में आते, तो बिक्री 10 करोड़ के पार पहुंच जाती।

  • सबसे ज्यादा बिक्री करने वाले व्यापारियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।

महाकुंभ 2025 बना आर्थिक गतिविधियों का केंद्र!

महाकुंभ सिर्फ आध्यात्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि बैंकिंग, व्यापार और डिजिटल लेनदेन के लिए भी बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

  • 37 करोड़ रुपये का बैंकिंग कारोबार

  • खादी और ग्रामोद्योग में 9.52 करोड़ रुपये की बिक्री

  • ऑनलाइन पेमेंट और डिजिटल ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी

इन आंकड़ों से साफ है कि महाकुंभ न केवल आध्यात्मिक संगम बल्कि आर्थिक गतिविधियों का भी महाकुंभ बन चुका है! 

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