भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के नए प्रभारी हरीश चौधरी ने संगठन में कसावट की कवायद शुरू कर दी है, लेकिन यह पहले ही दिन फेल होती नजर आ रही है। इस बैठक में प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने जिलों के प्रभारियों से कहा कि एक महीने में कम से कम 5 दिन प्रभार के जिले में दौरे करें और संगठन के काम को गति दें। लगभग सभी विधायकों ने एक इससे इनकार करते हुए कहा कि हमें अपने क्षेत्र में समय देना है और दूसरे जरूरी काम रहते हैं। इसलिए दो दिन से ज्यादा का टाइम प्रभार वाले जिलों में नहीं दे पाएंगे।
गुरुवार को री हरीश चौधरी इंदौर और उज्जैन संभाग के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों की बैठक ले रहे थे। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संगठन प्रभारी प्रियव्रत सिंह, संजय कामले, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त और इंदौर, धार, झाबुआ, खरगोन, खंड़वा, हरदा, उज्जैन, देवास, आगर, शाजापुर के जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी मौजूद थे।
सभी विधायकों ने बता दिए बहाने
बैठक में झाबुआ विधायक और देवास जिले के प्रभारी डॉ विक्रांत भूरिया ने कहा- मैं अब आदिवासी कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गया हूं। मेरी जिम्मेदारी बढ़ गई है। क्षेत्र में भी समय देना है। आप चाहें तो मेरा प्रभार किसी और को दे दें। इसी तरह भोपाल शहर के प्रभारी और तराना विधायक महेश परमार ने कहा कि मैं सीएम के गृह जिले से आता हूं। मुझे कई प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। मैं दो दिन से ज्यादा का टाइम भोपाल के लिए नहीं दे पाउंगा। मनावर विधायक और झाबुआ के प्रभारी डॉ. हीरालाल अलावा ने ने भी दो-तीन से ज्यादा समय देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं ज्यादातर समय अपने क्षेत्र को देता हूं। मेरा क्षेत्र बड़ा है।
जिले में संगठन को मजबूत करेंगे
प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने पिछले दिनों प्रदेश प्रभारी का कार्यभार संभालने के बाद ही जिला स्तर पर संगठन को मजबूत करने की जरूरत बताई थी। उन्होंने कहा था कि पार्टी को मजबूत बनाने के लिए सबसे पहले जिला स्तर पर पर पार्टी को मजबूत बनाना होगा। इस दिशा में अब वे गुरुवार को 13 जिलों के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे. इसमें वे एक-एक जिले के पदाधिकारियों से उनके जिले में संगठन की स्थिति की समीक्षा करेंगे। इसी के तहत बैठक का आयोजन किया गया था।
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